Dr. Nikunj Jain
Co-Founder and HOD - Nuclear Medicine ,MBBS, DRM, DNB, FEBNM, FANMB, Dip. CBNC
टेस्टिकुलर कैंसर, जिसे वृषण कैंसर भी कहा जाता है, एक प्रकार का कैंसर है जो पुरुषों के अंडकोष में विकसित होता है। अंडकोष पुरुष प्रजनन तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और शुक्राणुओं के निर्माण के साथ-साथ टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बनाने में भी भूमिका निभाते हैं। यह कैंसर अन्य कई प्रकार के कैंसर की तुलना में कम आम है, लेकिन कम उम्र के पुरुषों में भी हो सकता है। अच्छी बात यह है कि समय पर पहचान और उचित उपचार से कई मामलों में इसके सफल इलाज की संभावना काफी अच्छी होती है।
टेस्टिकुलर कैंसर के लक्षणों को समझना, किसी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है। मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड थेरेपी में उपलब्ध डायग्नोस्टिक सेवाएँ डॉक्टरों को विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों के मूल्यांकन में सहायता प्रदान करती हैं।
टेस्टिकुलर कैंसर क्या है?
टेस्टिकुलर कैंसर तब होता है जब अंडकोष की कुछ कोशिकाएँ असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और अनियंत्रित तरीके से विभाजित होती हैं। इससे अंडकोष में गांठ या सूजन विकसित हो सकती है। यह कैंसर एक या दोनों अंडकोषों को प्रभावित कर सकता है, हालांकि दोनों में एक साथ होना दुर्लभ है। शुरुआती अवस्था में कुछ लोगों को कोई स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होता। कई बार नहाते समय या कपड़े बदलते समय अंडकोष में गांठ, आकार में बदलाव या भारीपन महसूस होने पर इसका पता चलता है। अंडकोष में हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन किसी भी नई गांठ या असामान्य बदलाव की जाँच कराना आवश्यक है।
टेस्टिकुलर कैंसर के कारण और जोखिम कारक
टेस्टिकुलर कैंसर का सटीक कारण हमेशा स्पष्ट नहीं होता। यह तब विकसित होता है जब कोशिकाओं के विकास और विभाजन को नियंत्रित करने वाली प्रक्रियाओं में बदलाव आ जाता है। कुछ स्थितियाँ इस कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
अंडकोष का नीचे न उतरना: जन्म के समय या बचपन में एक या दोनों अंडकोषों का पेट से अंडकोश में न उतरना, जिसे क्रिप्टोर्किडिज्म कहते हैं, एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। सर्जरी से जोखिम कम हो सकता है, लेकिन यह पूरी तरह समाप्त नहीं होता।
पारिवारिक इतिहास: यदि पिता या भाई को टेस्टिकुलर कैंसर हुआ है, तो जोखिम बढ़ सकता है।
पहले टेस्टिकुलर कैंसर होना: एक अंडकोष में कैंसर होने के बाद दूसरे अंडकोष में भी कैंसर विकसित होने का जोखिम बढ़ सकता है।
उम्र: यह कैंसर किशोरों और युवा वयस्कों में अपेक्षाकृत अधिक देखा जाता है, हालांकि किसी भी उम्र में हो सकता है।
टेस्टिकुलर कैंसर के प्रकार
टेस्टिकुलर कैंसर के कई प्रकार होते हैं। इनमें सबसे आम प्रकार जर्म सेल ट्यूमर हैं, जो शुक्राणु बनाने वाली कोशिकाओं से विकसित होते हैं।
सेमिनोमा: यह जर्म सेल ट्यूमर का एक प्रमुख प्रकार है। यह अक्सर धीरे-धीरे बढ़ता है और उपचार के प्रति अच्छी प्रतिक्रिया दे सकता है।
नॉन-सेमिनोमा: इसमें कई प्रकार के ट्यूमर शामिल होते हैं, जैसे एम्ब्रायोनल कार्सिनोमा, योक सैक ट्यूमर, कोरियोकार्सिनोमा और टेराटोमा। इनका विकास और उपचार के प्रति प्रतिक्रिया अलग-अलग हो सकते हैं।
अन्य दुर्लभ ट्यूमर: कुछ मामलों में लेयडिग सेल या सर्टोली सेल जैसे अन्य प्रकार के ट्यूमर भी विकसित हो सकते हैं। कैंसर का प्रकार, उसका चरण और शरीर में फैलाव उपचार की योजना तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
टेस्टिकुलर कैंसर के लक्षण
टेस्टिकुलर कैंसर के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। शुरुआती संकेतों को पहचानना महत्वपूर्ण है।
ये लक्षण अन्य स्थितियों, जैसे संक्रमण, सूजन या हाइड्रोसील, के कारण भी हो सकते हैं। फिर भी, अंडकोष में नई गांठ या लगातार बदलाव होने पर जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अचानक तेज अंडकोष दर्द होने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें, क्योंकि यह टेस्टिकुलर टॉर्शन जैसी गंभीर स्थिति का संकेत भी हो सकता है।
टेस्टिकुलर कैंसर की जाँच कैसे होती है?
टेस्टिकुलर कैंसर की पहचान के लिए डॉक्टर शारीरिक परीक्षण और आवश्यक डायग्नोस्टिक जाँचों का उपयोग करते हैं।
1. शारीरिक परीक्षण: डॉक्टर अंडकोष में गांठ, सूजन, दर्द और आकार में बदलाव की जाँच करते हैं। वे लक्षणों और व्यक्तिगत या पारिवारिक मेडिकल इतिहास के बारे में भी पूछ सकते हैं।
2. स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड: यह अंडकोष की जाँच के लिए एक महत्वपूर्ण इमेजिंग टेस्ट है। इसमें ध्वनि तरंगों की मदद से अंडकोष की तस्वीरें बनाई जाती हैं। इससे पता लगाने में सहायता मिलती है कि गांठ ठोस है या तरल से भरी हुई है और उसमें अन्य असामान्यताएँ मौजूद हैं या नहीं।
3. ट्यूमर मार्कर ब्लड टेस्ट: डॉक्टर रक्त में अल्फा-फीटोप्रोटीन (AFP), बीटा-ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (β-hCG) और लैक्टेट डिहाइड्रोजनेज (LDH) की जाँच कर सकते हैं। ये मार्कर कैंसर के मूल्यांकन, उपचार की योजना और बाद की निगरानी में मदद करते हैं। सामान्य परिणाम होने पर भी कैंसर की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं होती।
4. सीटी स्कैन: यदि कैंसर की आशंका हो या उसकी पुष्टि हो जाए, तो सीटी स्कैन से पेट, छाती और अन्य संबंधित क्षेत्रों में बीमारी के फैलाव का मूल्यांकन किया जा सकता है।
यदि टेस्टिकुलर कैंसर का संदेह हो, तो सामान्यतः अंडकोष के माध्यम से सुई डालकर बायोप्सी नहीं की जाती, क्योंकि इससे कैंसर के फैलने का जोखिम हो सकता है। निदान और उपचार के लिए अक्सर प्रभावित अंडकोष को सर्जरी द्वारा निकालकर ऊतक की जाँच की जाती है।
टेस्टिकुलर कैंसर का उपचार
उपचार कैंसर के प्रकार, चरण, ट्यूमर के आकार और उसके फैलाव पर निर्भर करता है।
सर्जरी: प्रभावित अंडकोष को निकालने की प्रक्रिया को रेडिकल इंग्वाइनल ऑर्किएक्टॉमी कहा जाता है। यह अक्सर शुरुआती उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है और इससे कैंसर के प्रकार की पुष्टि करने में भी मदद मिलती है।
कीमोथेरेपी: कुछ मामलों में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने या बीमारी के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए कीमोथेरेपी दी जाती है।
रेडिएशन थेरेपी: कुछ सेमिनोमा मामलों में रेडिएशन थेरेपी का उपयोग किया जा सकता है, हालांकि उपचार का चयन व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार किया जाता है।
निगरानी: चुनिंदा शुरुआती चरण के मामलों में सर्जरी के बाद नियमित रक्त जाँच, शारीरिक परीक्षण और इमेजिंग के माध्यम से निगरानी की जा सकती है। उपचार शुरू करने से पहले डॉक्टर से प्रजनन क्षमता पर संभावित प्रभाव के बारे में चर्चा करना उपयोगी है। कुछ मरीजों को उपचार से पहले स्पर्म बैंकिंग की सलाह दी जा सकती है।
निष्कर्ष
टेस्टिकुलर कैंसर की शुरुआती पहचान और उचित उपचार महत्वपूर्ण हैं। अंडकोष में नई गांठ, सूजन, भारीपन या आकार में बदलाव होने पर जाँच कराने में देरी न करें। अल्ट्रासाउंड, ट्यूमर मार्कर ब्लड टेस्ट और आवश्यकता के अनुसार सीटी स्कैन डॉक्टरों को बीमारी का मूल्यांकन करने में सहायता करते हैं। मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड थेरेपी में उपलब्ध डायग्नोस्टिक सेवाएँ चिकित्सकीय मूल्यांकन में सहायता प्रदान करती हैं। सही जाँच और उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श लें और उनकी सलाह के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाएँ।
Book tests, view reports, and manage your health records on the go. Experience convenient healthcare with Molecular Diagnostics and Therapy.