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सीटी कैरोटिड एंजियोग्राफी: क्यों की जाती है, कैसे होती है और क्या जोखिम हैं?

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Dr. Nikunj Jain

Dr. Nikunj Jain

Co-Founder and HOD - Nuclear Medicine ,

MBBS, DRM, DNB, FEBNM, FANMB, Dip. CBNC

सीटी कैरोटिड एंजियोग्राफी: क्यों की जाती है, कैसे होती है और क्या जोखिम हैं?

हमारे दिमाग को सही तरीके से काम करने के लिए लगातार खून और ऑक्सीजन की जरूरत होती है। गर्दन में मौजूद दो मुख्य धमनियां दिमाग तक खून पहुँचाने में मदद करती हैं। इन्हें कैरोटिड धमनियाँ कहा जाता है। अगर इन धमनियों में चर्बी जमा होने लगे या खून का रास्ता संकरा हो जाए, तो दिमाग तक खून पहुँचने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर सीटी कैरोटिड एंजियोग्राफी कराने की सलाह दे सकते हैं। यह जाँच गर्दन की धमनियों की साफ तस्वीरें लेने में मदद करती है। इससे डॉक्टर धमनियों में रुकावट, उनके सिकुड़ने और दूसरी समस्याओं को समझ सकते हैं। मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड थेरेपी में उपलब्ध जाँच सुविधाएँ डॉक्टरों को बीमारी की स्थिति समझने और आगे के इलाज की योजना बनाने में सहायता करती हैं।

सीटी कैरोटिड एंजियोग्राफी क्या है?

सीटी कैरोटिड एंजियोग्राफी एक खास तरह की जाँच है, जिसमें एक्स-रे और कंप्यूटर की मदद से गर्दन की धमनियों की अंदरूनी तस्वीरें ली जाती हैं। इस जाँच में आमतौर पर हाथ की नस के जरिए एक खास द्रव्य दिया जाता है, जिसे कॉन्ट्रास्ट कहते हैं। इससे खून की नलियाँ तस्वीरों में साफ दिखाई देती हैं। सामान्य एक्स-रे में धमनियों की पूरी जानकारी मिलना मुश्किल हो सकता है, लेकिन इस जाँच से डॉक्टर धमनियों की बनावट और उनमें खून के बहाव से जुड़ी समस्याओं को बेहतर तरीके से देख सकते हैं।

सीटी कैरोटिड एंजियोग्राफी क्यों की जाती है?

डॉक्टर इस जाँच की सलाह तब दे सकते हैं, जब उन्हें गर्दन की धमनियों में रुकावट या किसी दूसरी समस्या का शक हो। अगर किसी व्यक्ति को अचानक बोलने में परेशानी, शरीर के एक तरफ कमजोरी या देखने में दिक्कत हुई हो, तो डॉक्टर उसकी स्थिति के अनुसार यह जाँच कराने के लिए कह सकते हैं। इसके अलावा, जिन लोगों की धमनियों में चर्बी जमा होने के कारण खून का रास्ता संकरा हो गया है, उनमें समस्या की गंभीरता समझने के लिए भी यह जाँच की जा सकती है। कुछ मामलों में ऑपरेशन या दूसरे इलाज से पहले धमनियों की स्थिति देखने के लिए भी इसकी जरूरत पड़ सकती है। अगर अचानक चेहरा एक तरफ झुक जाए, बोलने में परेशानी हो या हाथ-पैर में कमजोरी आए, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। ऐसे लक्षणों में जाँच के लिए घर पर इंतजार नहीं करना चाहिए।

सीटी कैरोटिड एंजियोग्राफी से किन समस्याओं का पता चलता है?

इस जाँच से गर्दन की धमनियों में होने वाली कई समस्याओं का पता लगाने में मदद मिल सकती है। इससे डॉक्टर देख सकते हैं कि धमनियाँ कितनी सिकुड़ी हुई हैं और खून के बहने के रास्ते में कितनी रुकावट है। कभी-कभी धमनियों की दीवारों पर चर्बी और दूसरी चीजें जमा होने लगती हैं। इससे खून के बहने का रास्ता छोटा हो सकता है। इस जाँच से रुकावट की जगह और उसकी गंभीरता को समझने में मदद मिलती है। इसके अलावा, कुछ मामलों में खून के थक्के और धमनियों की बनावट में असामान्य बदलावों का भी पता लगाया जा सकता है। रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर तय करते हैं कि दवाओं, आगे की जाँच या किसी खास इलाज की जरूरत है या नहीं। केवल स्कैन के आधार पर खुद से कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

सीटी कैरोटिड एंजियोग्राफी कैसे की जाती है?

जाँच शुरू होने से पहले डॉक्टर या जाँच केंद्र का कर्मचारी आपसे आपकी सेहत, चल रही दवाओं और पुरानी बीमारियों के बारे में पूछ सकता है। इसके बाद आपको एक खास मेज पर पीठ के बल लिटाया जाता है। आमतौर पर हाथ की नस में एक छोटी सुई लगाकर कॉन्ट्रास्ट द्रव्य दिया जाता है। इससे गर्दन की धमनियाँ तस्वीरों में साफ दिखाई देती हैं। फिर मेज धीरे-धीरे स्कैनर के अंदर जाती है और मशीन गर्दन की तस्वीरें लेती है।

जाँच के दौरान आपको बिना हिले-डुले लेटना होता है। कभी-कभी कुछ सेकंड के लिए साँस रोकने के लिए भी कहा जा सकता है। यह जाँच आमतौर पर दर्द रहित होती है। कॉन्ट्रास्ट द्रव्य देने पर शरीर में थोड़ी गर्माहट या मुँह में अजीब स्वाद महसूस हो सकता है। यह अक्सर थोड़ी देर में ठीक हो जाता है। तस्वीरें लेने के बाद विशेषज्ञ उनका अध्ययन करके रिपोर्ट तैयार करते हैं। डॉक्टर रिपोर्ट को आपके लक्षणों और दूसरी जाँचों के साथ देखकर आगे का इलाज तय करते हैं।

सीटी कैरोटिड एंजियोग्राफी से पहले क्या तैयारी करें?

जाँच से पहले डॉक्टर या जाँच केंद्र की तरफ से दिए गए निर्देशों को ध्यान से मानें। कुछ मामलों में जाँच से पहले कुछ समय तक खाना-पीना बंद रखने के लिए कहा जा सकता है। इसलिए पहले ही पूछ लें कि आपको खाली पेट आना है या नहीं। अगर आपको गुर्दे की बीमारी है, किसी दवा या कॉन्ट्रास्ट द्रव्य से पहले एलर्जी हुई है या आपको कोई दूसरी गंभीर बीमारी है, तो डॉक्टर को जरूर बताएँ। आप जो दवाएँ रोज लेते हैं, उनके बारे में भी जानकारी दें। अगर आप गर्भवती हैं या गर्भवती होने की संभावना है, तो जाँच से पहले डॉक्टर को बताएँ। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर गुर्दों की कार्यक्षमता की जाँच कराने के लिए भी कह सकते हैं। अपनी मर्जी से कोई दवा बंद न करें।

सीटी कैरोटिड एंजियोग्राफी के क्या जोखिम हैं?

यह जाँच आमतौर पर सुरक्षित होती है, लेकिन इसके कुछ जोखिम हो सकते हैं। इसमें एक्स-रे का इस्तेमाल होता है, इसलिए शरीर को थोड़ी मात्रा में विकिरण मिलता है। डॉक्टर इस जाँच की सलाह तब देते हैं, जब इससे मिलने वाली जानकारी इलाज में मदद कर सकती हो। कॉन्ट्रास्ट द्रव्य से कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है। जिन लोगों को गुर्दे की बीमारी है, उनमें इसे देने से पहले खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है। हाथ में सुई लगाने वाली जगह पर हल्का दर्द या सूजन भी हो सकती है। इसलिए जाँच से पहले डॉक्टर को अपनी बीमारियों, एलर्जी और दवाओं के बारे में सही जानकारी देना जरूरी है। अगर कॉन्ट्रास्ट देने के बाद साँस लेने में परेशानी या चेहरे और गले में सूजन हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

सीटी कैरोटिड एंजियोग्राफी का खर्च कितना है?

सीटी कैरोटिड एंजियोग्राफी का खर्च हर जाँच केंद्र पर अलग हो सकता है। कीमत जाँच केंद्र, इस्तेमाल की जाने वाली सुविधाओं और मरीज की जरूरत के अनुसार बदल सकती है। जाँच कराने से पहले कीमत, उपलब्धता और रिपोर्ट मिलने के समय के बारे में जानकारी लेना बेहतर रहता है। मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड थेरेपी से संपर्क करके जाँच और अपॉइंटमेंट से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

निष्कर्ष

सीटी कैरोटिड एंजियोग्राफी गर्दन की धमनियों को अंदर से देखने वाली एक उपयोगी जाँच है। इससे धमनियों के सिकुड़ने, उनमें रुकावट और कुछ दूसरी समस्याओं का पता लगाने में मदद मिल सकती है। डॉक्टर मरीज के लक्षणों और जरूरत के हिसाब से इस जाँच की सलाह देते हैं। जाँच से पहले अपनी सेहत, दवाओं और एलर्जी के बारे में डॉक्टर को बताना जरूरी है। सही समय पर जाँच कराने और रिपोर्ट के आधार पर उचित इलाज लेने से डॉक्टरों को आगे की देखभाल की योजना बनाने में मदद मिलती है।

Frequently Asked Questions

यह जाँच गर्दन की धमनियों में रुकावट या उनके सिकुड़ने का पता लगाने के लिए की जाती है। इससे डॉक्टर समझ सकते हैं कि दिमाग तक खून पहुँचाने वाली धमनियों में कोई परेशानी तो नहीं है।

यह जाँच आमतौर पर दर्द रहित होती है। हाथ की नस में सुई लगाने के समय हल्की चुभन हो सकती है।

हर मरीज के लिए खाली पेट रहना जरूरी नहीं होता। जाँच केंद्र से पहले ही पूछ लें कि आपको खाना-पीना बंद रखना है या नहीं।

तस्वीरें लेने में आमतौर पर कुछ मिनट लगते हैं। तैयारी और जाँच के बाद की प्रक्रिया में थोड़ा और समय लग सकता है।

यह जाँच आमतौर पर सुरक्षित होती है, लेकिन इसमें एक्स-रे और कॉन्ट्रास्ट द्रव्य का इस्तेमाल हो सकता है। अगर आपको गुर्दे की बीमारी या किसी दवा से एलर्जी है, तो डॉक्टर को पहले बताएँ।

यह जाँच मुख्य रूप से गर्दन की उन धमनियों को देखने के लिए होती है, जो दिमाग तक खून पहुँचाती हैं। दिमाग की अंदरूनी धमनियों को देखने के लिए डॉक्टर दूसरी जाँच की सलाह दे सकते हैं।

ज्यादातर लोग जाँच के बाद अपने सामान्य काम कर सकते हैं। फिर भी, जाँच केंद्र की तरफ से दिए गए निर्देशों का पालन करें।

रिपोर्ट मिलने का समय जाँच केंद्र और तस्वीरों के अध्ययन में लगने वाले समय पर निर्भर करता है। जाँच कराने से पहले रिपोर्ट मिलने का समय पूछ लेना बेहतर रहता है।

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