Dr. Nikunj Jain
Co-Founder and HOD - Nuclear Medicine ,MBBS, DRM, DNB, FEBNM, FANMB, Dip. CBNC
हाथ में दर्द, सूजन या चोट लगने पर डॉक्टर समस्या का सही कारण जानने के लिए सीटी फोरआर्म स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं। इस जाँच में कोहनी और कलाई के बीच वाले हिस्से की हड्डियों की साफ और विस्तार से तस्वीरें ली जाती हैं। इससे हड्डी टूटने, उसमें दरार आने या चोट कितनी गंभीर है, यह समझने में मदद मिलती है। मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड थेरेपी में उपलब्ध जाँच सुविधाएँ डॉक्टरों को बीमारी या चोट की सही स्थिति समझने में मदद करती हैं।
सीटी फोरआर्म स्कैन क्या है?
सीटी फोरआर्म स्कैन एक ऐसी जाँच है, जिसमें एक्स-रे और कंप्यूटर की मदद से बाँह के निचले हिस्से की अंदरूनी तस्वीरें ली जाती हैं। इस हिस्से में दो हड्डियाँ होती हैं, जिन्हें रेडियस और अल्ना कहा जाता है। ये हड्डियाँ हाथ को घुमाने और रोजमर्रा के काम करने में मदद करती हैं। सामान्य एक्स-रे के मुकाबले सीटी स्कैन हड्डियों की ज्यादा साफ और बारीक तस्वीरें दिखा सकता है। इससे डॉक्टर हड्डी में आई दरार, फ्रैक्चर या किसी दूसरी समस्या को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।
सीटी फोरआर्म स्कैन क्यों किया जाता है?
डॉक्टर इस जाँच की सलाह तब दे सकते हैं, जब हाथ में गंभीर चोट लगी हो या सामान्य एक्स-रे से समस्या साफ न हो रही हो। गिरने, सड़क दुर्घटना या खेलते समय चोट लगने के बाद हड्डी टूटने का शक होने पर यह जाँच काम आ सकती है। इसके अलावा, हड्डियों में असामान्य बदलाव, कुछ तरह के संक्रमण या हड्डी में गाँठ होने का पता लगाने के लिए भी यह जाँच की जा सकती है। कुछ मामलों में ऑपरेशन से पहले चोट को अच्छी तरह समझने या इलाज के बाद हड्डी की स्थिति देखने के लिए भी डॉक्टर इसकी सलाह दे सकते हैं।
सीटी फोरआर्म स्कैन से किन समस्याओं का पता चल सकता है?
सीटी फोरआर्म स्कैन से बाँह की हड्डियों में फ्रैक्चर या दरार का पता लगाने में मदद मिल सकती है। इससे डॉक्टर यह देख सकते हैं कि हड्डी कहाँ टूटी है और क्या उसका कोई हिस्सा अपनी जगह से खिसक गया है। इस जाँच से हड्डियों की बनावट में बदलाव, कुछ तरह के संक्रमण और हड्डी में गाँठ जैसी समस्याओं को समझने में भी मदद मिल सकती है। अगर चोट का असर हड्डियों के जोड़ के पास हुआ है, तो डॉक्टर उस हिस्से की स्थिति भी देख सकते हैं। हालाँकि, सिर्फ सीटी स्कैन से हर बीमारी की पुष्टि नहीं हो सकती। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर दूसरी जाँचें भी कराने की सलाह दे सकते हैं।
सीटी फोरआर्म स्कैन कैसे किया जाता है?
जाँच शुरू करने से पहले आपसे दर्द, चोट, पुरानी बीमारियों और पहले कराई गई जाँचों के बारे में पूछा जा सकता है। इसके बाद आपको एक खास मेज पर लिटाया जाता है और हाथ को सही स्थिति में रखा जाता है। फिर स्कैनर हाथ की तस्वीरें लेता है। इस दौरान आपको कुछ समय तक बिना हिले-डुले रहना होता है, ताकि तस्वीरें साफ आएँ। यह जाँच आमतौर पर दर्द रहित होती है और तस्वीरें लेने में ज्यादा समय नहीं लगता। कुछ मामलों में अंदरूनी हिस्सों को और साफ देखने के लिए नस के जरिए एक खास द्रव्य दिया जाता है, जिसे कॉन्ट्रास्ट कहते हैं। इसकी जरूरत है या नहीं, यह डॉक्टर आपकी समस्या के हिसाब से तय करते हैं। जाँच के बाद तस्वीरों को देखकर रिपोर्ट तैयार की जाती है।
सीटी फोरआर्म स्कैन से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
इस जाँच से पहले आमतौर पर ज्यादा तैयारी की जरूरत नहीं होती। फिर भी, जाँच केंद्र की तरफ से दिए गए निर्देशों को ध्यान से मानें। डॉक्टर की पर्ची और पुरानी जाँचों की रिपोर्ट साथ ले जाना अच्छा रहता है। अगर आपको किसी दवा या कॉन्ट्रास्ट से एलर्जी हुई है, गुर्दे की कोई समस्या है या आप रोजाना कोई दवा लेते हैं, तो जाँच से पहले डॉक्टर को जरूर बताएँ। अगर आप गर्भवती हैं या गर्भावस्था की संभावना है, तो इसकी जानकारी भी दें, क्योंकि इस जाँच में एक्स-रे का इस्तेमाल होता है। अगर जाँच में कॉन्ट्रास्ट दिया जाना है, तो जाँच केंद्र आपको खाने-पीने के बारे में कुछ खास निर्देश दे सकता है।
सीटी फोरआर्म स्कैन के क्या जोखिम हैं?
सीटी फोरआर्म स्कैन में एक्स-रे का इस्तेमाल होता है, इसलिए शरीर को थोड़ी मात्रा में विकिरण मिलता है। डॉक्टर आमतौर पर यह जाँच तभी कराने की सलाह देते हैं, जब इससे मिलने वाली जानकारी इलाज में मदद कर सकती हो। अगर जाँच के दौरान कॉन्ट्रास्ट दिया जाता है, तो कुछ लोगों को उससे एलर्जी हो सकती है। गुर्दे की समस्या वाले मरीजों में कॉन्ट्रास्ट देने से पहले खास सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है। यह जाँच आमतौर पर दर्द रहित होती है। जाँच से पहले अपनी सेहत से जुड़ी जरूरी जानकारी डॉक्टर को दें और उनके बताए निर्देशों का पालन करें।
सीटी फोरआर्म स्कैन का खर्च कितना है?
सीटी फोरआर्म स्कैन का खर्च हर जाँच केंद्र पर अलग हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि किस तरह की जाँच की जा रही है और कॉन्ट्रास्ट की जरूरत है या नहीं। जाँच कराने से पहले उसकी कीमत और उपलब्धता के बारे में जानकारी लेना बेहतर है। मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड थेरेपी से संपर्क करके जाँच के खर्च और अपॉइंटमेंट से जुड़ी जानकारी ली जा सकती है।
निष्कर्ष
सीटी फोरआर्म स्कैन बाँह की हड्डियों को अंदर से अच्छी तरह देखने में मदद करता है। इससे हड्डी टूटने, दरार आने और चोट की गंभीरता को समझने में मदद मिल सकती है। यह जाँच हर मरीज के लिए जरूरी नहीं होती। डॉक्टर आपकी परेशानी और लक्षणों को देखकर तय करते हैं कि इसकी जरूरत है या नहीं।
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