Dr. Nikunj Jain
Co-Founder and HOD - Nuclear Medicine ,MBBS, DRM, DNB, FEBNM, FANMB, Dip. CBNC
हम रोज़ाना जो खाना खाते हैं, उसमें कई ऐसी चीजें होती हैं जिनमें कैलोरी हमारी उम्मीद से कहीं ज्यादा होती है। कई बार हमें लगता है कि हम घर का बना खाना खा रहे हैं या सिर्फ थोड़ा-सा स्नैक ले रहे हैं, इसलिए ज्यादा कैलोरी नहीं ले रहे होंगे। लेकिन खाने में इस्तेमाल होने वाला अतिरिक्त तेल, घी, मक्खन, चीनी और सॉस हमारी रोज़ की कैलोरी बढ़ा सकते हैं। इन्हें ही Hidden Calories यानी खाने में छिपी हुई कैलोरी कहा जाता है।
अगर आप वजन कम करने, वजन को संतुलित रखने या अपनी खान-पान की आदतों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह समझना जरूरी है कि आपके खाने में अतिरिक्त कैलोरी कहां से आ रही है। छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आप अपनी डाइट को ज्यादा संतुलित बना सकते हैं।
Hidden Calories क्या होती हैं?
Hidden Calories वे कैलोरी होती हैं जो खाने में मौजूद तो होती हैं, लेकिन हमें उनका अंदाजा आसानी से नहीं लगता। उदाहरण के लिए, एक कटोरी सब्जी देखने में हल्की लग सकती है, लेकिन अगर उसे ज्यादा तेल या घी में बनाया गया है, तो उसकी कैलोरी बढ़ सकती है। इसी तरह सलाद हेल्दी हो सकता है, लेकिन उसमें ज्यादा मेयोनेज़, क्रीमी ड्रेसिंग या मीठी सॉस डालने से कैलोरी बढ़ सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको तेल, घी या अपनी पसंद की चीजें पूरी तरह बंद कर देनी चाहिए। जरूरी है कि आप उनकी मात्रा पर ध्यान दें।
रोज़मर्रा के खाने में छिपी कैलोरी कहां होती है?
1. चाय और कॉफी में चीनी
कई लोग दिन में दो से तीन बार चाय या कॉफी पीते हैं। हर कप में डाली गई चीनी थोड़ी लग सकती है, लेकिन पूरे दिन में इसकी मात्रा बढ़ जाती है। फ्लेवर्ड कॉफी, क्रीमर और मीठे सिरप भी अतिरिक्त कैलोरी दे सकते हैं। आप धीरे-धीरे चाय और कॉफी में चीनी की मात्रा कम कर सकते हैं। बिना चीनी वाली चाय या कम चीनी वाले विकल्प भी आजमा सकते हैं।
2. खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाला तेल और घी
घर का बना खाना सेहतमंद डाइट का हिस्सा हो सकता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा तेल या घी डालने से उसकी कैलोरी बढ़ जाती है। पूड़ी, पराठे, तली हुई सब्जियां और ज्यादा तेल वाली ग्रेवी में अतिरिक्त कैलोरी हो सकती है। खाना बनाते समय तेल और घी को अंदाजे से डालने के बजाय चम्मच से नापकर इस्तेमाल करें। उबालने, भाप में पकाने, ग्रिल करने और कम तेल में पकाने जैसे तरीके अपना सकते हैं।
3. पैकेट वाले स्नैक्स
चिप्स, नमकीन, बिस्कुट और दूसरे पैकेट वाले स्नैक्स में कैलोरी, नमक या फैट ज्यादा हो सकता है। कई बार हम पैकेट से थोड़ा-थोड़ा खाते रहते हैं और ध्यान ही नहीं देते कि कितनी मात्रा खा चुके हैं। स्नैक्स खाते समय पैकेट से सीधे खाने के बजाय एक छोटी कटोरी में अपनी मात्रा निकाल लें। भुने चने, मखाने, फल या बिना ज्यादा नमक वाले नट्स बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
4. सॉस और सलाद ड्रेसिंग
सलाद को हेल्दी मानकर हम उसमें मेयोनेज़, चीज़, क्रीमी ड्रेसिंग या मीठी सॉस ज्यादा डाल देते हैं। इससे सलाद की कैलोरी बढ़ सकती है। इसी तरह टोमैटो केचप और कुछ पैक्ड सॉस में भी चीनी और नमक हो सकते हैं। सलाद में नींबू, काली मिर्च और थोड़े मसालों का इस्तेमाल करें। पैक्ड ड्रेसिंग खरीदते समय उसका न्यूट्रिशन लेबल जरूर पढ़ें।
5. हेल्दी दिखने वाले ड्रिंक्स
फ्रूट जूस, पैक्ड स्मूदी, फ्लेवर्ड मिल्क और मीठे कोल्ड ड्रिंक्स में कैलोरी और अतिरिक्त चीनी हो सकती है। कई बार हमें लगता है कि जूस पीना फल खाने जितना ही अच्छा है, लेकिन पूरे फल में फाइबर भी मिलता है, जो जूस में कम हो सकता है। प्यास लगने पर पानी को प्राथमिकता दें। फल पीने के बजाय उन्हें साबुत खाने की कोशिश करें और पैक्ड ड्रिंक्स खरीदते समय उनमें मौजूद Added Sugar की मात्रा देखें।
6. बेकरी और मिठाई की चीजें
केक, पेस्ट्री, डोनट, कुकीज और मिठाइयों में चीनी और फैट की मात्रा अधिक हो सकती है। इन चीजों को कभी-कभी खाना गलत नहीं है, लेकिन रोजाना या बड़ी मात्रा में खाने से कुल कैलोरी बढ़ सकती है। इनका आनंद छोटी मात्रा में लें और रोज़ के स्नैक के रूप में फल, दही या दूसरे पौष्टिक विकल्प चुनें।
Hidden Calories से बचने के आसान तरीके
Hidden Calories कम करने के लिए आपको भूखा रहने या अपनी पसंद का खाना पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। कुछ छोटी आदतें आपके खान-पान को बेहतर बना सकती हैं। सबसे पहले, खाने की मात्रा पर ध्यान दें। प्लेट में जरूरत से ज्यादा खाना लेने के बजाय अपनी भूख के अनुसार परोसें। धीरे-धीरे खाने से आपको यह समझने में मदद मिल सकती है कि पेट कब भर रहा है।
दूसरा, खाने के पैकेट पर Nutrition Label पढ़ें। उसमें Serving Size,
Calories, Total Fat और Added Sugar की जानकारी देखें। सिर्फ यह देखकर कोई चीज न खरीदें कि उस पर Low Fat या Healthy लिखा है। तीसरा, घर पर खाना बनाते समय तेल, घी और चीनी की मात्रा नापकर डालें। इससे आपको पता रहेगा कि खाने में इन चीजों का कितना इस्तेमाल हो रहा है। चौथा, हर भोजन में संतुलन बनाए रखें। अपनी डाइट में सब्जियां, फल, दालें, साबुत अनाज और प्रोटीन के अच्छे स्रोत शामिल करें। फाइबर और प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकते हैं।
Calorie Counting क्यों जरूरी हो सकती है?
Calorie Counting का मतलब है कि आप दिनभर में खाने और पीने से कितनी कैलोरी ले रहे हैं, इसका हिसाब रखना। इससे आपको अपनी खाने की आदतों को समझने और उन चीजों की पहचान करने में मदद मिल सकती है जिनसे अनजाने में ज्यादा कैलोरी मिल रही है। हालांकि, हर व्यक्ति की कैलोरी जरूरत अलग होती है। यह उम्र, शारीरिक गतिविधि, शरीर की जरूरत और स्वास्थ्य जैसी बातों पर निर्भर करती है। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति की कैलोरी डाइट को बिना सोचे-समझे अपनाना सही नहीं है। आप कुछ दिनों तक अपने खाने और ड्रिंक्स का रिकॉर्ड रख सकते हैं। इससे यह समझना आसान होगा कि आपकी डाइट में अतिरिक्त चीनी, तेल या स्नैक्स कहां से आ रहे हैं।
मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड थेरेपी में हेल्दी लाइफस्टाइल को समझें
अच्छी सेहत के लिए संतुलित खान-पान, नियमित शारीरिक गतिविधि और समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच पर ध्यान देना जरूरी है। मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड थेरेपी में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और जरूरत के अनुसार डायग्नोस्टिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाता है।
निष्कर्ष
Hidden Calories से बचने का मतलब अपनी पसंद का खाना छोड़ना या भूखा रहना नहीं है। असली बात है खाने की मात्रा समझना, न्यूट्रिशन लेबल पढ़ना और रोज़मर्रा की डाइट में छोटे लेकिन बेहतर बदलाव करना। चाय में कम चीनी डालना, खाना बनाते समय तेल नापकर इस्तेमाल करना और पैकेट वाले स्नैक्स की मात्रा पर ध्यान देना जैसी आदतें मददगार हो सकती हैं। संतुलित डाइट और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ आप लंबे समय तक हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
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