Dr. Nikunj Jain
Co-Founder and HOD - Nuclear Medicine ,MBBS, DRM, DNB, FEBNM, FANMB, Dip. CBNC
गर्दन में दर्द, सूजन, गाँठ या निगलने में परेशानी होने पर डॉक्टर समस्या का कारण जानने के लिए सीटी नेक स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं। यह एक तरह की जाँच है, जिसमें गर्दन के अंदर मौजूद अंगों, मांसपेशियों, रक्त वाहिकाओं और अन्य हिस्सों की साफ तस्वीरें ली जाती हैं। इन तस्वीरों से डॉक्टर को समस्या की जगह और उसकी स्थिति समझने में मदद मिलती है।मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड थेरेपी में मरीजों को जाँच से जुड़ी जानकारी और उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।
सीटी नेक स्कैन क्या है?
सीटी नेक स्कैन गर्दन की एक विशेष जाँच है, जिसमें एक्स-रे और कंप्यूटर की मदद से गर्दन के अंदर की तस्वीरें बनाई जाती हैं। सामान्य एक्स-रे की तुलना में यह जाँच शरीर के अंदर मौजूद हिस्सों की अधिक विस्तृत तस्वीरें दिखा सकती है। इस जाँच में गर्दन की मांसपेशियों, लसीका ग्रंथियों, गले के आसपास के हिस्सों और अन्य संरचनाओं को देखा जा सकता है। डॉक्टर मरीज के लक्षणों के अनुसार यह तय करते हैं कि गर्दन के किस हिस्से की जाँच करनी है और किस तरह की तस्वीरें आवश्यक हैं।
सीटी नेक स्कैन क्यों किया जाता है?
डॉक्टर कई कारणों से सीटी नेक स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं। यदि गर्दन में लगातार दर्द, सूजन या गाँठ है, तो यह जाँच उसके संभावित कारण को समझने में मदद कर सकती है। गले में संक्रमण, अंदरूनी फोड़ा, चोट या गर्दन की लसीका ग्रंथियों में बदलाव की जाँच के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ मामलों में यह जाँच ट्यूमर या अन्य असामान्य बदलावों का पता लगाने और उनकी स्थिति समझने में मदद करती है। हालाँकि, हर समस्या के लिए सीटी नेक स्कैन जरूरी नहीं होता। डॉक्टर मरीज के लक्षणों और शारीरिक जाँच के आधार पर तय करते हैं कि कौन-सी जाँच सबसे उपयुक्त रहेगी।
सीटी नेक स्कैन से किन समस्याओं का पता लगाने में मदद मिलती है?
सीटी नेक स्कैन गर्दन के अंदर होने वाले कई बदलावों को देखने में मदद कर सकता है। उदाहरण के लिए, गर्दन में गाँठ या सूजन होने पर डॉक्टर यह देख सकते हैं कि वह किस जगह पर है और आसपास के हिस्सों पर उसका क्या प्रभाव पड़ रहा है। यह जाँच कुछ संक्रमणों, फोड़े, चोट के कारण हुए बदलावों और लसीका ग्रंथियों के आकार में अंतर का मूल्यांकन करने में भी उपयोगी हो सकती है। यदि किसी मरीज में ट्यूमर का संदेह हो, तो इसकी मदद से डॉक्टर उसके आकार और आसपास के अंगों से उसके संबंध को समझ सकते हैं। जाँच की रिपोर्ट को मरीज के लक्षणों और दूसरी जाँचों के साथ देखकर ही सही निष्कर्ष निकाला जाता है।
सीटी नेक स्कैन कैसे किया जाता है?
जाँच से पहले मरीज को अपनी परेशानी, पुरानी बीमारियों और पहले कराई गई जाँचों के बारे में जानकारी देनी चाहिए। यदि पहले गर्दन का कोई स्कैन कराया गया है, तो उसकी रिपोर्ट साथ ले जाना उपयोगी हो सकता है। जाँच के दौरान मरीज को एक विशेष मेज पर पीठ के बल लेटना होता है। यह मेज धीरे-धीरे स्कैनर के अंदर जाती है। मशीन गर्दन की तस्वीरें लेती है और कंप्यूटर की मदद से उन्हें तैयार करती है। इस दौरान मरीज को कुछ समय तक स्थिर रहना पड़ता है, ताकि तस्वीरें साफ आ सकें। कुछ मामलों में गर्दन के अंदर के हिस्सों को अधिक स्पष्ट देखने के लिए नस के माध्यम से विशेष द्रव्य दिया जा सकता है। इसे कॉन्ट्रास्ट द्रव्य कहा जाता है। इसकी जरूरत जाँच के उद्देश्य और डॉक्टर के निर्देश पर निर्भर करती है। जाँच आमतौर पर कम समय में पूरी हो जाती है, लेकिन तैयारी और कॉन्ट्रास्ट द्रव्य के इस्तेमाल के कारण कुल समय बढ़ सकता है।
सीटी नेक स्कैन से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
जाँच से पहले डॉक्टर या जाँच केंद्र द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए। यदि कॉन्ट्रास्ट द्रव्य का इस्तेमाल होना है, तो आपको कुछ समय तक खाली पेट रहने के लिए कहा जा सकता है। यह हर मरीज के लिए जरूरी नहीं होता। यदि आपको किसी दवा या कॉन्ट्रास्ट द्रव्य से पहले एलर्जी हुई है, गुर्दे से जुड़ी समस्या है या आप नियमित दवाएँ लेते हैं, तो जाँच से पहले इसकी जानकारी दें। गर्भावस्था की संभावना होने पर भी डॉक्टर को जरूर बताएँ, क्योंकि इस जाँच में विकिरण का इस्तेमाल होता है। अपनी मर्जी से कोई दवा बंद न करें। जाँच से पहले सभी जरूरी निर्देश जाँच केंद्र से स्पष्ट कर लें।
सीटी नेक स्कैन के क्या जोखिम हैं?
सीटी नेक स्कैन में एक्स-रे का इस्तेमाल होता है, इसलिए शरीर को थोड़ी मात्रा में विकिरण का सामना करना पड़ता है। डॉक्टर इस जाँच की सलाह तब देते हैं, जब इससे मिलने वाली जानकारी मरीज के इलाज में उपयोगी हो सकती है। यदि जाँच में कॉन्ट्रास्ट द्रव्य दिया जाता है, तो कुछ लोगों को उससे एलर्जी हो सकती है। गुर्दे की बीमारी वाले मरीजों में विशेष सावधानी की जरूरत हो सकती है। इसलिए जाँच से पहले अपनी पूरी चिकित्सा जानकारी देना जरूरी है। जाँच आमतौर पर दर्द रहित होती है। सही तैयारी और डॉक्टर के निर्देशों का पालन करने से प्रक्रिया को सुरक्षित और आसान बनाने में मदद मिलती है।
दिल्ली में सीटी नेक स्कैन का खर्च कितना है?
दिल्ली में सीटी नेक स्कैन का खर्च अलग-अलग जाँच केंद्रों पर अलग हो सकता है। कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि गर्दन के किस हिस्से की जाँच हो रही है, कॉन्ट्रास्ट द्रव्य का इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं और जाँच केंद्र की सुविधाएँ कैसी हैं। सही कीमत जानने के लिए जाँच कराने से पहले संबंधित केंद्र से संपर्क करना बेहतर रहता है। मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड थेरेपी से संपर्क करके जाँच की उपलब्धता, वर्तमान कीमत और अपॉइंटमेंट से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
निष्कर्ष
सीटी नेक स्कैन गर्दन के अंदर मौजूद अंगों और अन्य हिस्सों की विस्तृत तस्वीरें लेने वाली एक उपयोगी जाँच है। इससे सूजन, गाँठ, संक्रमण, चोट और अन्य असामान्य बदलावों का मूल्यांकन करने में मदद मिल सकती है। जाँच कराने से पहले डॉक्टर को अपनी चिकित्सा संबंधी जानकारी देना और उनके निर्देशों का पालन करना जरूरी है। सही जाँच और रिपोर्ट का उचित मूल्यांकन समस्या को समझने तथा आगे के इलाज की योजना बनाने में मदद करता है।
Book tests, view reports, and manage your health records on the go. Experience convenient healthcare with Molecular Diagnostics and Therapy.