Dr. Nikunj Jain
Co-Founder and HOD - Nuclear Medicine ,MBBS, DRM, DNB, FEBNM, FANMB, Dip. CBNC
टीबी के बारे में पूरी जानकारी जानें – इसके प्रकार, जरूरी टेस्ट, कारण, सामान्य लक्षण, प्रभावी इलाज और टीबी में क्या खाएं। हेल्थ गाइड आपके लिए।
हम सभी चाहते हैं कि हमारी सेहत हमेशा बेहतर रहे — लेकिन तेज़ जीवनशैली, बदलते खानपान और बढ़ते तनाव के बीच, शरीर अक्सर हमें छोटे-छोटे संकेत देता है जिन्हें हम अनदेखा कर देते हैं।
टीबी यानी तपेदिक (Tuberculosis) भी ऐसी ही बीमारी है, जो शुरुआत में अक्सर छुपी रहती है और समय पर ध्यान न दिया जाए तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है।
इस ब्लॉग में हम टीबी के बारे में पूरी जानकारी साझा करेंगे — इसके प्रकार, कारण, लक्षण, टेस्ट और इलाज के साथ-साथ यह भी बताएंगे कि टीबी के दौरान कौन से खाद्य पदार्थ आपकी मदद कर सकते हैं।
Molecular Diagnostics में हमारा मानना है कि “बीमारी होने से पहले उसकी पहचान और रोकथाम ही सबसे अच्छा इलाज है।” यही कारण है कि सही जानकारी और समय पर टेस्ट बेहद जरूरी हैं।
आसान शब्दों में, टीबी हवा से फैलने वाला इन्फेक्शन है। जब टीबी से इन्फेक्टेड कोई व्यक्ति खांसता है, छींकता है, या बात करता है, तो बैक्टीरिया हवा में फैल जाते हैं और दूसरे व्यक्ति के शरीर में जा सकते हैं।
कमजोर इम्यूनिटी (Immunity) वाले लोगों को टीबी होने का खतरा ज़्यादा होता है। सही समय पर पता चलने और इलाज से टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। जैसी भरोसेमंद डायग्नोस्टिक Diagnostic कंपनियाँ सटीक टेस्टिंग से बीमारी का जल्दी पता लगाने में मदद करती हैं।
टीबी, जिसे ट्यूबरकुलोसिस भी कहा जाता है। यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (Mycobacterium tuberculosis)नाम के बैक्टीरिया (Bacteria) होने वाला इन्फेक्शन (Infection)है।
यह इन्फेक्शन मुख्य रूप से सांस की नली को प्रभावित करता है, लेकिन कभी-कभी यह शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है।
शुरुआती स्टेज में टीबी के लक्षण गंभीर नहीं होते हैं, और बहुत से लोग इसे खांसी (Cough) या कमजोरी (Weakness) समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
लेकिन अब, टीबी के लिए मॉडर्न टेस्ट की मदद से बीमारी का पता लगाया जा सकता है, और समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है। इसके साथ ही, यह जानना भी ज़रूरी है कि टीबी होने पर क्या खाना चाहिए।
TB के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और शुरू में हल्के लगते हैं।
शुरुआती चरणों में हल्के लक्षण होते हैं, और मरीज़ आमतौर पर नॉर्मल महसूस करता है। एक्टिव स्टेज में खांसी, बुखार और वज़न कम होना जैसे लक्षण होते हैं। अगर इसका इलाज न किया जाए, तो गंभीर चरणों में यह फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है, और इन्फेक्शन शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है।
|
टेस्ट का नाम |
उपयोग |
|
स्पुटम टेस्ट (Sputum Test) |
फेफड़ों की टीबी की पहचान |
|
CBNAAT टेस्ट |
बैक्टीरिया और दवा रेसिस्टेंस की जांच |
|
चेस्ट एक्स-रे (Chest X-ray) |
फेफड़ों की स्थिति देखने के लिए |
|
ब्लड टेस्ट (Blood Test) |
इंफेक्शन की स्थिति जानने के लिए |
सिर्फ़ परीक्षण ही काफ़ी नहीं है; रिपोर्ट को समझना एक बड़ा काम है। यह दिखाएगा कि मरीज़ टीबी के किस चरण में है और इलाज कितना प्रभावी होगा।
कभी-कभी, Molecular Diagnostic जैसी डायग्नोस्टिक ( Diagnostic) कंपनियाँ सटीक रिपोर्ट और समय पर मार्गदर्शन देकर इलाज को आसान बना देती हैं।
टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, लेकिन इसके लिए दवाइयों का पूरा कोर्स करना बहुत जरूरी है। आमतौर पर इलाज 6 से 9 महीने तक चलता है। बीच में दवा छोड़ देने से बीमारी दोबारा हो सकती है और ड्रग रेसिस्टेंट टीबी का खतरा बढ़ जाता है।
इलाज के दौरान फॉलो-अप टेस्ट (Follow-up Tests) से सुधार को मॉनिटर किया जाता है।
टीबी में क्या खाएं यह रिकवरी के लिए बहुत अहम है।
शराब, सिगरेट और जंक फूड से दूरी बनाना जरूरी है।
दवाइयों को बीच में बंद न करें, बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें, घरेलू नुस्खों पर पूरी तरह निर्भर न रहें और लक्षणों को छुपाने की गलती न करें।
टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है। अगर सही समय पर टीबी का टेस्ट करवाया जाए, सही रिपोर्ट मिलें, नियमित दवा ली जाए और अच्छा खाना खाया जाए, तो मरीज़ बहुत स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
किसी भी लक्षण के मामले में, अपना टेस्ट करवाने में देरी न करें। Molecular Diagnostics and Therapy जैसी कई भरोसेमंद डायग्नोस्टिक कंपनियाँ सही टेस्टिंग और रिपोर्ट देकर इसमें मदद करती हैं, जो सही इलाज का तरीका बताती हैं।
Book tests, view reports, and manage your health records on the go. Experience convenient healthcare with Molecular Diagnostics and Therapy.