विटामिन D की कमी: कब करवाएं टेस्ट, रिपोर्ट कैसे समझें और लेवल सही कैसे रखें

Talk to Health Expert

28 Oct, 2025

Dr. Nikunj Jain

Dr. Nikunj Jain

Co-Founder and HOD - Nuclear Medicine ,

MBBS, DRM, DNB, FEBNM, FANMB, Dip. CBNC

विटामिन D की कमी: कब करवाएं टेस्ट, रिपोर्ट कैसे समझें और लेवल सही कैसे रखें

क्या आप जानते हैं कि भारत में करीब 70% लोगों में विटामिन D की कमी पाई जाती है — और ज़्यादातर लोगों को इसका पता तक नहीं होता?
विटामिन D जिसे “सनशाइन विटामिन” कहा जाता है, आपके शरीर में हड्डियों की मज़बूती, इम्यूनिटी और मूड बैलेंस के लिए ज़रूरी होता है।

अगर आपको अक्सर थकान, मांसपेशियों में दर्द या कमजोरी महसूस होती है, तो यह सिर्फ़ तनाव नहीं — विटामिन D की कमी भी हो सकती है।
इसकी जांच का सबसे सही तरीका है – विटामिन D डेफिशिएंसी टेस्ट।

विटामिन D टेस्ट क्या है? (Vitamin D Test Meaning)

यह एक ब्लड टेस्ट है जो आपके खून में 25-हाइड्रॉक्सी विटामिन D [25(OH)D)] की मात्रा को मापता है।
यही लेवल बताता है कि आपके शरीर में विटामिन D पर्याप्त है या नहीं।

शरीर में दो तरह के विटामिन D पाए जाते हैं:

  1. विटामिन D2 (Ergocalciferol): यह पौधों और फोर्टिफाइड फूड्स से मिलता है।
  2. विटामिन D3 (Cholecalciferol): यह आपकी त्वचा सूरज की रोशनी से बनाती है।

विटामिन D टेस्ट कब करवाना चाहिए?

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण हैं, तो डॉक्टर विटामिन D टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं 👇

विटामिन D की कमी के आम लक्षण:

  • बार-बार थकान या कमजोरी महसूस होना
  • मांसपेशियों या हड्डियों में दर्द
  • बार-बार सर्दी या संक्रमण होना
  • बाल झड़ना या नाखून टूटना
  • मूड में चिड़चिड़ापन या डिप्रेशन

जो लोग ज़्यादा रिस्क में हैं:

  • जो ज़्यादातर समय घर या ऑफिस में रहते हैं (कम धूप मिलती है)
  • 50 साल से ऊपर की उम्र
  • गहरी त्वचा वाले लोग
  • अधिक वज़न या मोटापा
  • पाचन संबंधी समस्याएं (जैसे सीलिएक या क्रोहन रोग)

अगर इनमें से कोई भी बात आप पर लागू होती है, तो तुरंत विटामिन D टेस्ट करवाएं।

नॉर्मल विटामिन D लेवल क्या होता है?

विटामिन D की स्थिति लेवल (ng/mL) अर्थ
कमी (Deficient) 20 से कम बहुत कम – सप्लीमेंट लेना ज़रूरी
अपर्याप्त (Insufficient) 20–30 हल्की कमी – धूप और डाइट बढ़ाएं
नॉर्मल (Sufficient) 30–100 स्वस्थ लेवल – आदर्श स्थिति
अधिक (Toxic) 100 से ज़्यादा ज़रूरत से ज़्यादा – डॉक्टर से संपर्क करें

ध्यान दें: बहुत ज़्यादा विटामिन D भी शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।

विटामिन D लेवल बढ़ाने के आसान तरीके

1. रोज़ाना धूप लें

सुबह की हल्की धूप में रोज़ 15–30 मिनट तक रहें। इससे त्वचा प्राकृतिक रूप से विटामिन D3 बनाती है।

2. खाने में शामिल करें ये फूड्स

  • अंडे की ज़र्दी
  • फैटी मछली (सैल्मन, सार्डिन, मैकेरल)
  • दूध, सोया मिल्क, और फोर्टिफाइड सीरियल्स
  • सूरज की रोशनी में रखे मशरूम

3. ज़रूरत पड़ने पर सप्लीमेंट लें

अगर आपके लेवल बहुत कम हैं, तो डॉक्टर विटामिन D3 की टैबलेट या इंजेक्शन लिख सकते हैं।
खुद से दवा लेना ठीक नहीं है — पहले टेस्ट कराएं।

विटामिन D का शरीर में क्या रोल है

विटामिन D सिर्फ हड्डियों के लिए नहीं, बल्कि पूरे शरीर के लिए ज़रूरी है:

  • हड्डियाँ: कैल्शियम अवशोषण में मदद करता है
  • इम्यून सिस्टम: संक्रमण से बचाता है
  • दिल: ब्लड प्रेशर और हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करता है
  • मूड: सेरोटोनिन बढ़ाता है, जिससे डिप्रेशन कम होता है
  • हार्मोन: शुगर और थायरॉयड बैलेंस में मदद करता है

विटामिन D टेस्ट कैसे किया जाता है

यह एक बहुत ही आसान टेस्ट है 

  1. आपकी बांह से थोड़ा सा खून लिया जाता है।
  2. लैब में इस सैंपल को इम्यूनोएस्से टेक्नोलॉजी से जांचा जाता है।
  3. रिपोर्ट आमतौर पर 24–48 घंटे में मिल जाती है।

इस टेस्ट के लिए आपको फास्टिंग की ज़रूरत नहीं होती।

क्यों ज़रूरी हैं रेगुलर हेल्थ चेकअप्स

कई बार हमें शरीर में कमी का अंदाज़ा भी नहीं होता।
इसलिए साल में एक बार फुल बॉडी चेकअप या विटामिन D टेस्ट करवाना बहुत फायदेमंद है।

आप यह टेस्ट आसानी से Molecula Diagnostics पर बुक कर सकते हैं —
जहां रिपोर्ट्स सटीक, जल्दी और भरोसेमंद मिलती हैं।

विटामिन D और आपका संपूर्ण स्वास्थ्य

विटामिन D की कमी सिर्फ हड्डियों तक सीमित नहीं रहती — यह आपकी इम्यूनिटी, ऊर्जा और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है।
समय पर जांच और संतुलित डाइट से आप इस समस्या को पूरी तरह रोक सकते हैं।

निष्कर्ष

विटामिन D की कमी को अक्सर “साइलेंट डेफिशिएंसी” कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धीरे दिखते हैं।
अगर आप थकान, कमजोरी या दर्द महसूस कर रहे हैं, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें।

आज ही अपना Vitamin D Test करवाएं —
Molecular Diagnostics पर और अपने स्वास्थ्य का नियंत्रण खुद लें।

FAQ: विटामिन D टेस्ट से जुड़े आम सवाल

विटामिन D टेस्ट का क्या मतलब है?

यह टेस्ट खून में 25(OH)D लेवल मापता है जिससे पता चलता है कि आपके शरीर में विटामिन D की कमी है या नहीं।

विटामिन D टेस्ट कब करवाना चाहिए?

अगर बार-बार थकान, हड्डियों में दर्द या बाल झड़ने जैसी समस्या हो, तो तुरंत टेस्ट करवाएं।

नॉर्मल विटामिन D लेवल कितना होना चाहिए?

30–100 ng/mL को नॉर्मल माना जाता है। 20 से कम होने पर यह कमी दर्शाता है।

क्या सिर्फ धूप से विटामिन D की कमी पूरी हो सकती है?

हल्की कमी में हाँ, लेकिन गंभीर स्थिति में सप्लीमेंट की ज़रूरत होती है।

कितनी बार विटामिन D टेस्ट करवाना चाहिए?

साल में एक बार करवाना पर्याप्त है, खासकर अगर आप कम धूप में रहते हैं।

क्या विटामिन D की कमी से थकान होती है?

हाँ, यह कमी शरीर में एनर्जी लेवल कम कर देती है जिससे लगातार थकान महसूस होती है।

क्या यह टेस्ट महंगा होता है?

नहीं, यह एक किफायती और आसान ब्लड टेस्ट है।

अगर विटामिन D ज़्यादा हो जाए तो क्या होगा?

ज़्यादा विटामिन D से कैल्शियम बढ़ सकता है जिससे किडनी स्टोन जैसी समस्या हो सकती है।

क्या बिना टेस्ट के सप्लीमेंट लेना ठीक है?

नहीं, पहले टेस्ट करवाएं और डॉक्टर से सलाह लें।

विटामिन D टेस्ट कहां करवाएं?

आप Molecular Diagnostics पर आसानी से ऑनलाइन टेस्ट बुक कर सकते हैं।

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