Dr. Nikunj Jain
Co-Founder and HOD - Nuclear Medicine ,MBBS, DRM, DNB, FEBNM, FANMB, Dip. CBNC
क्या आप जानते हैं कि भारत में करीब 70% लोगों में विटामिन D की कमी पाई जाती है — और ज़्यादातर लोगों को इसका पता तक नहीं होता?
विटामिन D जिसे “सनशाइन विटामिन” कहा जाता है, आपके शरीर में हड्डियों की मज़बूती, इम्यूनिटी और मूड बैलेंस के लिए ज़रूरी होता है।
अगर आपको अक्सर थकान, मांसपेशियों में दर्द या कमजोरी महसूस होती है, तो यह सिर्फ़ तनाव नहीं — विटामिन D की कमी भी हो सकती है।
इसकी जांच का सबसे सही तरीका है – विटामिन D डेफिशिएंसी टेस्ट।
यह एक ब्लड टेस्ट है जो आपके खून में 25-हाइड्रॉक्सी विटामिन D [25(OH)D)] की मात्रा को मापता है।
यही लेवल बताता है कि आपके शरीर में विटामिन D पर्याप्त है या नहीं।
शरीर में दो तरह के विटामिन D पाए जाते हैं:
अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण हैं, तो डॉक्टर विटामिन D टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं 👇
अगर इनमें से कोई भी बात आप पर लागू होती है, तो तुरंत विटामिन D टेस्ट करवाएं।
| विटामिन D की स्थिति | लेवल (ng/mL) | अर्थ |
|---|---|---|
| कमी (Deficient) | 20 से कम | बहुत कम – सप्लीमेंट लेना ज़रूरी |
| अपर्याप्त (Insufficient) | 20–30 | हल्की कमी – धूप और डाइट बढ़ाएं |
| नॉर्मल (Sufficient) | 30–100 | स्वस्थ लेवल – आदर्श स्थिति |
| अधिक (Toxic) | 100 से ज़्यादा | ज़रूरत से ज़्यादा – डॉक्टर से संपर्क करें |
ध्यान दें: बहुत ज़्यादा विटामिन D भी शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।
सुबह की हल्की धूप में रोज़ 15–30 मिनट तक रहें। इससे त्वचा प्राकृतिक रूप से विटामिन D3 बनाती है।
अगर आपके लेवल बहुत कम हैं, तो डॉक्टर विटामिन D3 की टैबलेट या इंजेक्शन लिख सकते हैं।
खुद से दवा लेना ठीक नहीं है — पहले टेस्ट कराएं।
विटामिन D सिर्फ हड्डियों के लिए नहीं, बल्कि पूरे शरीर के लिए ज़रूरी है:
यह एक बहुत ही आसान टेस्ट है
इस टेस्ट के लिए आपको फास्टिंग की ज़रूरत नहीं होती।
कई बार हमें शरीर में कमी का अंदाज़ा भी नहीं होता।
इसलिए साल में एक बार फुल बॉडी चेकअप या विटामिन D टेस्ट करवाना बहुत फायदेमंद है।
आप यह टेस्ट आसानी से Molecula Diagnostics पर बुक कर सकते हैं —
जहां रिपोर्ट्स सटीक, जल्दी और भरोसेमंद मिलती हैं।
विटामिन D की कमी सिर्फ हड्डियों तक सीमित नहीं रहती — यह आपकी इम्यूनिटी, ऊर्जा और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है।
समय पर जांच और संतुलित डाइट से आप इस समस्या को पूरी तरह रोक सकते हैं।
विटामिन D की कमी को अक्सर “साइलेंट डेफिशिएंसी” कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धीरे दिखते हैं।
अगर आप थकान, कमजोरी या दर्द महसूस कर रहे हैं, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें।
आज ही अपना Vitamin D Test करवाएं —
Molecular Diagnostics पर और अपने स्वास्थ्य का नियंत्रण खुद लें।
यह टेस्ट खून में 25(OH)D लेवल मापता है जिससे पता चलता है कि आपके शरीर में विटामिन D की कमी है या नहीं।
अगर बार-बार थकान, हड्डियों में दर्द या बाल झड़ने जैसी समस्या हो, तो तुरंत टेस्ट करवाएं।
30–100 ng/mL को नॉर्मल माना जाता है। 20 से कम होने पर यह कमी दर्शाता है।
हल्की कमी में हाँ, लेकिन गंभीर स्थिति में सप्लीमेंट की ज़रूरत होती है।
साल में एक बार करवाना पर्याप्त है, खासकर अगर आप कम धूप में रहते हैं।
हाँ, यह कमी शरीर में एनर्जी लेवल कम कर देती है जिससे लगातार थकान महसूस होती है।
नहीं, यह एक किफायती और आसान ब्लड टेस्ट है।
ज़्यादा विटामिन D से कैल्शियम बढ़ सकता है जिससे किडनी स्टोन जैसी समस्या हो सकती है।
नहीं, पहले टेस्ट करवाएं और डॉक्टर से सलाह लें।
आप Molecular Diagnostics पर आसानी से ऑनलाइन टेस्ट बुक कर सकते हैं।
Book tests, view reports, and manage your health records on the go. Experience convenient healthcare with Molecular Diagnostics and Therapy.